एक सूची क्या जारी हुई, कई चेहरों की मुस्कान भी साथ ले गई। एक माननीय इसलिए ज्यादा परेशान हैं कि पिछले पच्चीस साल में शायद ही कोई टीम उनके बिना बनी हो।
अपना नाम नहीं आया, इसका गम तो है ही, लेकिन चिर-प्रतिद्वंद्वी का नाम देखकर टीस कुछ ज्यादा ही बढ़ गई। अब सूची से ज्यादा उसकी कहानी पढ़ी जा रही है।















