एक स्थानीय आयोजन में बरसों से मंच की सीढ़ियां दूर से निहारने वाले साहब को इस बार ऊपर से फरमान आया तो मंच पर सम्मानजनक जगह भी मिल गई और माइक भी।
फिर क्या था, भाषण में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की ऐसी प्रशंसा हुई कि सुनने वालों को भी समझ आ गया कि संदेश सिर्फ सभा के लिए नहीं, कहीं और तक पहुंचाने की पूरी तैयारी थी।















