दक्षिणी लेबनान, 29 जून।
इजरायली प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने एक संयुक्त बयान जारी कर जानकारी दी कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के एक गांव में हिजबुल्लाह के भूमिगत ढांचे को नष्ट कर दिया है। इस हमले से पहले अमेरिका को सूचित कर दिया गया था।
मजदल ज़ौन कस्बे में निशाना बनाया गया यह सुरंग करीब 200 मीटर लंबी थी। अधिकारियों के अनुसार, इस सुरंग के भीतर सैकड़ों हथियार और लॉन्चर छिपाकर रखे गए थे।
यह हमला लेबनान और इजरायल के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में हुए सुरक्षा समझौते के दो दिन बाद हुआ है। इस समझौते का उद्देश्य सीमा पर जारी तनाव को कम करना है, जिसमें इजरायली बलों की वापसी और लेबनानी सेना की तैनाती की योजना शामिल है।
इससे कुछ घंटे पहले, इजरायली सेना ने नबातियेह इलाके में रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड से लैस हिजबुल्लाह लड़ाकों और एक रॉकेट लॉन्चर को भी निशाना बनाया था।
सोमवार को हिजबुल्लाह ने इजरायली हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया और अपनी रक्षा करने का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही। हिजबुल्लाह नेता नईम कासिम ने सुरक्षा समझौते को अस्वीकार करते हुए सशस्त्र प्रतिरोध जारी रखने का ऐलान किया है।
इजरायली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सेना सुरक्षा क्षेत्र में बनी रहेगी और आतंकवाद विरोधी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के साथ ही उत्तरी बस्तियों से खतरों को हटाने का काम जारी रखेगी।
इस संघर्ष के कारण लेबनान में दस लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। हिजबुल्लाह और ईरान का कहना है कि अमेरिका ने व्यापक युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए समझौते के तहत शत्रुता खत्म करने का वादा किया था।














