चेन्नई, 29 जून।
तमिलनाडु की सियासत में सोमवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। करूर सीट से अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने इसे तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया है।
विजयभास्कर ने सचिवालय पहुंचकर अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा। नियमानुसार जांच करने के बाद अध्यक्ष ने इसे पूरी तरह स्वैच्छिक और वैध करार देते हुए स्वीकार किया। इस घटनाक्रम के साथ अब विधानसभा में रिक्त सीटों की संख्या सात तक पहुंच गई है।
इससे पहले राज्य की छह विधानसभा सीटें पहले से ही खाली थीं। इस नए इस्तीफे ने प्रदेश में आगामी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इसे बड़ी उथल-पुथल के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले कुछ महीनों में विधायकों के इस्तीफे का सिलसिला थमा नहीं है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा एक सीट छोड़ने के बाद, मई महीने में अन्नाद्रमुक के तीन विधायकों मरगथम कुमारवेल, एस. जयकुमार और पी. सत्यभामा ने इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थाम लिया था।
इसी कड़ी में अंबासमुद्रम से इसक्की सुब्बैया और 16 जून को विरालिमलाई से सी. विजयभास्कर ने भी पद छोड़ दिया था। इन घटनाक्रमों के बाद अब विधानसभा में अन्नाद्रमुक के सदस्यों की कुल संख्या घटकर 41 रह गई है।
लगातार हो रहे इन इस्तीफों से तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अब आगामी चुनावों की तैयारियों और राज्य के बदले हुए सियासी हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।














