नोएडा, 29 जून।
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को नई दिशा देते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) एक महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है। इसके तहत हाथरस को एक आधुनिक हाई-टेक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो न केवल एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र भी साबित होगा। 'मास्टर प्लान 2041' के अंतर्गत इसे एक सुनियोजित सैटेलाइट टाउन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है।
इस वृहद परियोजना के लिए हाथरस और सासनी तहसील के लगभग 50 गांवों को अधिसूचित किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल 4 हजार हेक्टेयर है। परियोजना के नियोजन के लिए एक विशेषज्ञ कंपनी को नियुक्त किया गया है, जो जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम तकनीक से इसका विकास सुनिश्चित कर रही है। इस शहर को चार श्रेणियों—औद्योगिक, आवासीय, कमर्शियल-लॉजिस्टिक्स और ग्रीन बेल्ट में विभाजित किया गया है, जिसमें 15 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र को हरियाली के लिए सुरक्षित रखा गया है।
हाथरस की भौगोलिक स्थिति इसकी बड़ी ताकत है, क्योंकि यह नोएडा स्थित जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कैचमेंट एरिया में आता है। साथ ही, यह शहर आगरा, अलीगढ़ और मथुरा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से एक्सप्रेस-रोड नेटवर्क के माध्यम से जुड़ा होगा, जिससे ताजनगरी पर औद्योगिक दबाव कम हो सकेगा। यह नया शहर आगरा के उपनगर के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।
इस केंद्र में जिले के 10 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयों को विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना मुहैया कराई जाएगी। एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत हींग और गुलाल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इसके अतिरिक्त फूड प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट्स, ग्लास बीड्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों के लिए विशेष ब्लॉक स्थापित किए जाएंगे। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अनुसार, परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।














