नए-नवेले साहब इन दिनों पूरे जोश में हैं। कुछ ऐसा कर गुजरने की ललक है कि सीधे उस फाइल में हाथ डाल बैठे, जहां हाथ कम और जोखिम ज्यादा था।
नतीजा यह हुआ कि मामला जितना नहीं चमका, उससे ज्यादा साहब चर्चा में आ गए। अब नजर इस बात पर है कि जोश से गरम हुए इस मामले को होश से कैसे ठंडा किया जाता है।















