गुवाहाटी, 06 जुलाई।
असम की राजधानी गुवाहाटी में आज से ब्रिक्स देशों के मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक शुरू हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग के खिलाफ आपसी सहयोग को और अधिक सशक्त बनाना है।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में ब्रिक्स देशों के वरिष्ठ अधिकारी और एजेंसियों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में विशेष रूप से सिंथेटिक ड्रग्स, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और परिचालन समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य डार्कनेट के जरिए तस्करी, क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से वित्तीय लेनदेन और हानिकारक रसायनों के दुरुपयोग जैसी नई चुनौतियों पर मंथन करेंगे। यह मंच सदस्य देशों को बदलते हुए नशीले खतरों से निपटने के लिए नई रणनीति बनाने का अवसर देगा।
भारत इस सम्मेलन के दौरान मादक पदार्थ नियंत्रण के क्षेत्र में अपने प्रयासों को प्रदर्शित करेगा। इसमें विशेष रूप से हाल ही में जारी किए गए नार्कोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 पर चर्चा होगी, जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।














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