नई दिल्ली, 07 जुलाई।
कारगिल युद्ध के महानायक कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर आज पूरा देश कृतज्ञता के साथ उन्हें नमन कर रहा है। 'शेरशाह' के नाम से विख्यात इस वीर योद्धा की शौर्यगाथा को याद करते हुए देश के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने कैप्टन बत्रा के अद्वितीय नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति को प्रेरणा का स्रोत बताया। नेताओं ने कहा कि कारगिल की दुर्गम चोटियों पर दिखाया गया उनका अदम्य साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक अमिट आदर्श बना रहेगा।
विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने संदेशों में कैप्टन बत्रा के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले इस वीर सपूत का पराक्रम हमेशा देशवासियों में देशभक्ति की भावना का संचार करता रहेगा।
हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जन्मे कैप्टन बत्रा ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान अग्रिम मोर्चे पर रहकर भारतीय सेना का नेतृत्व किया था। प्वाइंट 5140 और 4875 पर जीत दर्ज कर उन्होंने वीरता की ऐसी मिसाल कायम की, जो इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
उनका प्रसिद्ध उद्घोष 'ये दिल मांगे मोर' आज भी युवाओं में राष्ट्र प्रेम और आत्मविश्वास भरता है। देश की रक्षा करते हुए 7 जुलाई 1999 को वीरगति को प्राप्त होने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।














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