भुवनेश्वर, 07 जुलाई।
पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने विदेशों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के 'असमय' आयोजन पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है।
महाराजा का कहना है कि इस्कॉन द्वारा विभिन्न देशों में निर्धारित तिथियों से अलग स्नान यात्रा और रथयात्रा निकाली जा रही है, जो सनातन परंपरा के विरुद्ध है। उन्होंने इसे शास्त्रोक्त धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन करार दिया है।
अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे आयोजनों से दुनियाभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने अक्टूबर 2025 और अप्रैल 2026 में भी केंद्र सरकार को सूचित किया था, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है।
गजपति महाराजा के अनुसार, भगवान जगन्नाथ के अनुष्ठानों का समय शास्त्रों में निश्चित है और शंकराचार्यों ने भी समय-समय पर इसी बात पर जोर दिया है कि उत्सवों की पवित्रता बनाए रखने के लिए उनका पालन अनिवार्य है।
मंदिर के पारंपरिक प्रथम सेवक के तौर पर उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे इस पर तुरंत संवाद स्थापित करें। उनका मानना है कि यह केवल ओडिशा का विषय नहीं, बल्कि विश्वभर के भक्तों की धार्मिक आस्था और संस्कृति की रक्षा का प्रश्न है।














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