कोलकाता, 07 जुलाई।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। सोशल मीडिया के जरिए जारी एक संदेश में उन्होंने ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता के अभाव का दावा किया है।
मोइत्रा ने कहा कि जब ट्रस्ट का गठन सरकार की अधिसूचना से हुआ है, तो इसे आरटीआई से बाहर रखकर निजी संस्थान क्यों बताया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में जानकारी मांगने पर इसे निजी बताकर खारिज कर दिया गया।
सांसद के अनुसार, ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने स्वयं स्वीकार किया था कि उन्हें वित्तीय लेन-देन और खातों की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि नियंत्रण मुख्य रूप से महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास था।
उन्होंने मंदिर निर्माण से जुड़े पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा और लेखा प्रबंधक महिपाल सिंह के बयानों का जिक्र कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। मोइत्रा के अनुसार, अनियमितताएं उठाने वाले अधिकारियों को अपने पदों से हटा दिया गया।
मोइत्रा ने आरोप लगाया कि जून 2026 में सामने आए विवाद के बाद जो जांच हुई, वह निष्पक्ष नहीं थी। उन्होंने कहा कि 700 करोड़ से अधिक की कथित गड़बड़ी के बावजूद ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों पर कोई बड़ी आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई।
अंत में मोइत्रा ने मांग की कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े इस दान का हिसाब जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच की पैरवी की है।











