जकार्ता, 07 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले पड़ाव के तहत इंडोनेशिया पहुंचे, जहां उनका बेहद भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने रामायण पर आधारित कठपुतली का मंचन देखा, जिसने उन्हें काफी प्रभावित किया।
इस विशेष कला प्रदर्शन 'वेयांग कुलित' की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसने रामायण की अमर कथा को जीवंत कर दिया। उन्होंने इसे हमारी साझा सभ्यतागत विरासत का एक मार्मिक उदाहरण बताया, जो पीढ़ियों और समुद्र के पार जाकर भी अपने शाश्वत मूल्यों को संजोए हुए है।
प्रधानमंत्री ने 'गणेश' नाम के कलाकार दल को इस बेहतरीन प्रस्तुति के लिए बधाई दी। उन्होंने वहां की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी उल्लेख किया, जिसमें 'विहारा धर्म रत्न' समूह द्वारा भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर आधारित कार्यक्रम भी शामिल था।
जकार्ता में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने 'समन्वय समूह' द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम का आनंद लिया। प्रधानमंत्री ने इन प्राचीन कलाओं को इंडोनेशियाई कलाकारों द्वारा इतनी निष्ठा और उत्कृष्टता से सहेजने पर खुशी जताई।
वहां मौजूद भारतीय समुदाय से मिले स्नेह और भारत की प्रगति के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने प्रधानमंत्री का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि उनके प्रति लोगों का यह गर्मजोशी भरा व्यवहार बेहद प्रेरणादायक है।











