भोपाल, 07 जुलाई।
पूरे मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियाँ अत्यंत तेज हो गई हैं। सप्ताह भर से हो रही निरंतर वर्षा ने राज्य के जल स्तर को औसत के करीब ला खड़ा किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज मंगलवार को करीब 31 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अब तक प्रदेश में कुल 179.6 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो कि सामान्य औसत से केवल 1 प्रतिशत नीचे है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल, उज्जैन, इंदौर और नर्मदापुरम क्षेत्रों में बादलों का डेरा सबसे अधिक है। इस मानसून अवधि में देवास जिला वर्षा के मामले में शीर्ष पर बना हुआ है। मौसम कार्यालय ने गुना, छतरपुर, विदिशा, अशोकनगर और सागर जैसे इलाकों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना जताई है। साथ ही ग्वालियर, दतिया, जबलपुर, कटनी और शिवपुरी सहित कई अन्य स्थानों पर भी तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।
डिंडौरी जिले में उफान पर आईं नदियाँ मुसीबत का सबब बनी हुई हैं। करंजिया क्षेत्र के कई गाँव बाढ़ जैसे हालातों के चलते शेष प्रदेश से कट गए हैं, क्योंकि तुड़ार नदी का जलस्तर पुलिया को पार कर गया है। निचले इलाकों में बसे 11 मकानों के भीतर पानी घुस जाने से निवासियों को काफी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ी है।
बीते एक दिन की रिपोर्ट देखें तो श्योपुर में लगभग सवा इंच, मंडला और खजुराहो में एक इंच के आसपास पानी बरसा है। लगातार जारी बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई है और पारा लुढ़क गया है। मलाजखंड में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पश्चिमी अंचल में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक पानी गिर चुका है, मगर पूर्वी अंचल में अब भी बारिश की 22 प्रतिशत कमी महसूस की जा रही है।











