नई दिल्ली, 07 जुलाई।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत के कपास क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार को तेजी से अपनाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने और किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए नई तकनीकों का समय पर इस्तेमाल जरूरी है।
उपराष्ट्रपति ने कपास मिशन के तहत किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नई तकनीकों और नवाचारों को लागू करने के लिए मंजूरी प्रक्रिया को तेज और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए, ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द किसानों और उद्योगों तक पहुंच सके।
उन्होंने प्रति एकड़ कपास उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाने चाहिए। इससे भारत वैश्विक स्तर पर प्रमुख कपास उत्पादक देशों के बीच अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले कपास की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत को अपनी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार करने की आवश्यकता है।
बैठक में किसान कपास ऐप और वस्त्र क्षेत्र में टिकाऊ विकास के लिए नई पीढ़ी के प्राकृतिक रेशों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि कपास मिशन को लेकर आम लोगों और किसानों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार रणनीति तैयार करने और सफल प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मजबूत कपास व्यवस्था किसानों की आय बढ़ाने, वस्त्र उद्योग को नई मजबूती देने और भारत को वैश्विक कपड़ा बाजार में बेहतर स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।















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