उमरिया, 07 जुलाई।
उमरिया जिले की पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गिंजरी के सरपंच नन्हू सिंह को कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई अमृत सरोवर निर्माण कार्य में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली का किराया लंबे समय तक भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत के बाद की गई।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया ने बताया कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा-40 के तहत सरपंच के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वर्ष 2025-26 में ग्राम बरबसपुर स्थित जोगी नाला पर अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया था। इस कार्य में ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराने वाले सियाराम महरा का लगभग 2.19 लाख रुपये का भुगतान करीब आठ माह तक लंबित रहा।
भुगतान नहीं मिलने पर संबंधित व्यक्ति ने सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर तथा संभागायुक्त की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम पंचायत के खाते में राशि उपलब्ध होने के बावजूद सरपंच और सचिव की ओर से भुगतान नहीं किया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सरपंच को पद से पृथक करने की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में सरपंच के साथ सचिव की जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया गया है, लेकिन अब तक सचिव के विरुद्ध किसी कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा बनी हुई है।















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