नई दिल्ली, 07 जुलाई।
दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े एक अहम मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपी अतहर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस प्रतिभा सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद स्पष्ट किया कि दंगों के दौरान हुई जनहानि में अतहर की भूमिका प्रथम दृष्टया गंभीर नजर आ रही है। अदालत ने आरोपी के फरार होने की आशंका को भी जमानत न देने का एक बड़ा आधार माना है। कोर्ट ने इस मामले पर 26 मई को ही अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था।
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील अर्जुन दीवान ने दलील दी कि मामले के संरक्षित गवाह ने अपने बयान बार-बार बदले हैं। उन्होंने दावा किया कि अतहर खान की दंगा साजिश में कोई सक्रिय भागीदारी नहीं रही है और उसके पास से किसी भी प्रकार के हथियार बरामद नहीं किए गए हैं। वकील ने यह भी तर्क रखा कि अन्य सह-आरोपियों, जिन्हें पहले जमानत मिली है, की तुलना में अतहर का पक्ष कमजोर नहीं है, इसलिए उसे भी समानता के आधार पर राहत मिलनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पूर्व में कई आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने इस साल पांच जनवरी और 22 मई को विभिन्न आरोपियों को राहत प्रदान की थी। इसके अलावा सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तान्हा, देवांगन कलीता और नताशा नरवाल जैसे आरोपी भी पहले से ही जमानत पर बाहर हैं। बावजूद इन उदाहरणों के, उच्च न्यायालय ने अतहर खान की याचिका को खारिज करते हुए उसे कोई राहत नहीं दी है।













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