अनूपपुर, 07 जुलाई।
अनूपपुर जिला मुख्यालय पर लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले रेलवे फ्लाईओवर का कार्य बीते आठ वर्षों से अधर में लटका हुआ है। इस सुस्त निर्माण कार्य के चलते स्थानीय नागरिक बेहद परेशान हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि 2017 में स्वीकृत इस पुल का निर्माण कार्य निर्धारित 18 माह की अवधि के भीतर पूरा नहीं हो सका है, जो कि चिंताजनक है। निर्माण की कछुआ चाल से न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि विद्यार्थी, व्यापारी और मरीज समेत आमजन प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। आयोग अध्यक्ष ने कार्यदायी एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
इससे पहले भी सेतु निगम द्वारा जून तक कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, जो धरातल पर नहीं उतरा। वहीं, निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने तीन माह पूर्व ही ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने और जुर्माना लगाने की सख्त चेतावनी दी थी। इसके बावजूद न तो कार्य पूर्ण हुआ और न ही प्रशासन द्वारा ठेकेदार पर कोई कठोर कदम उठाया गया, जिससे जनमानस में भारी आक्रोश है।














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