जकार्ता, 7 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जकार्ता में इंडोनेशियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ती साझेदारी पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक गहरा बनाने की अपार संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया एक साथ आते हैं, तो यह पूरी दुनिया के सामने यह भरोसा पुख्ता करते हैं कि लोकतंत्र के माध्यम से नए अवसर पैदा होते हैं और विश्वास का निर्माण होता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि इतिहास तब रचा जाएगा जब भारत की 140 करोड़ की आबादी और इंडोनेशिया की 29 करोड़ की जनता साझा प्रगति की दिशा में एक साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि दोनों देश आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए 'जॉइंट वर्किंग ग्रुप' तंत्र के जरिए एक साथ काम कर रहे हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने एक मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और वहां नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों में अब और देरी नहीं की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारत सैटेलाइट लॉन्च तकनीक के क्षेत्र में इंडोनेशिया को अपना पूरा समर्थन देने के लिए तैयार है।














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