मियामी, 07 जुलाई।
फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में पैराग्वे पर जीत के बाद फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला ने सोशल मीडिया पर एमबाप्पे के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय से लेकर पैराग्वे की सरकार तक ने इस कृत्य की निंदा की है।
मैच के बाद अमारिला ने एमबाप्पे को निशाना बनाते हुए उन पर नस्लवादी टिप्पणी की और हिंसा भड़काने वाला बयान दिया। एमबाप्पे ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमारिला को घृणित और उनके पद के अयोग्य करार दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों को दुनिया में नफरत फैलाने की छूट नहीं देंगे।
फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ (एफएफएफ) ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि वे इस आपराधिक टिप्पणी के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कराएंगे। एफएफएफ का मानना है कि यह केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे फ्रांस का अपमान है।
पैराग्वे की सरकार और संसद ने भी आधिकारिक रूप से इस बयान से किनारा कर लिया है। सरकार ने कहा कि ये टिप्पणियां मानव गरिमा के मूल्यों के विरुद्ध हैं और सीनेटर का निजी मत हैं। पैराग्वे के राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को पत्र लिखकर इस घटना पर खेद व्यक्त किया है। पैराग्वे संसद के अध्यक्ष बासिलियो नुनेज़ ने भी इसे नस्लीय और हिंसा भड़काने वाला बताते हुए खारिज कर दिया। फ्रांस के सहायक कोच गाय स्टीफन ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य और शर्मनाक करार दिया है।











