मियामी, 07 जुलाई।
फीफा विश्व कप 2026 में अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को दिखाए गए रेड कार्ड के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्राज़ीलियाई रेफरी राफेल क्लॉस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए जाने के बाद फीफा ने अपने अधिकारी का पुरजोर बचाव किया है। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था ने स्पष्ट किया है कि क्लॉस उनकी रेफरी टीम के सबसे अनुभवी और ईमानदार सदस्यों में से एक हैं।
यह पूरा विवाद तब आरम्भ हुआ जब बोस्निया और हर्जेगोविना के विरुद्ध राउंड ऑफ-32 मुकाबले में वीएआर जांच के बाद बालोगुन को मैदान से बाहर भेज दिया गया था। हालांकि, बाद में फीफा ने बालोगुन पर लगी एक मैच की पाबंदी को रद्द कर दिया, जिससे वह बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में खेलने के लिए उपलब्ध हो गए।
इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना किसी प्रमाण के रेफरी राफेल क्लॉस के पिछले रिकॉर्ड पर संदेह जताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फीफा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि क्लॉस विश्व के शीर्ष पेशेवर रेफरियों में गिने जाते हैं और उनकी ईमानदारी पर संगठन को पूरा भरोसा है। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफैन्टिनो ने भी खेल के नियमों और रेफरी के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि रेफरी के बिना फुटबॉल का अस्तित्व संभव नहीं है।
फीफा रेफरी समिति के अध्यक्ष पियरलुइगी कोलिना ने भी क्लॉस का समर्थन करते हुए उन्हें कतर विश्व कप 2022 का अनुभवी और सम्मानित अधिकारी बताया। उल्लेखनीय है कि 46 वर्षीय क्लॉस अब तक 600 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सफलतापूर्वक रेफरिंग कर चुके हैं। फीफा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह अपने रेफरी के खिलाफ उठाए गए किसी भी बेबुनियाद सवाल का कड़ा प्रतिवाद करता है।











