अशोकनगर, 07 जुलाई।
साप्ताहिक जनसुनवाई में मानसिक रूप से बीमार युवक की पैतृक जमीन कथित रूप से हड़पने का मामला सामने आया है। ग्राम खैरई निवासी एक परिवार ने कलेक्टर को आवेदन देकर आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने युवक की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर कथित रूप से नशीला पदार्थ पिलाया और उसकी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में कमलेश शर्मा और उनकी बुजुर्ग मां ने बताया कि उनके भाई अरविंद शर्मा वर्ष 2024 से मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं और उनका उपचार ग्वालियर स्थित मानसिक आरोग्यशाला में चल रहा है।
परिवार के अनुसार 5 मई को कुछ लोग अरविंद शर्मा को बहाने से अपने साथ ले गए और रास्ते में चाय में कथित रूप से नशीला पदार्थ पिला दिया। आरोप है कि इसके बाद उनकी मानसिक स्थिति का लाभ उठाते हुए ग्राम खैरपुर और खैरई स्थित पैतृक भूमि से संबंधित तीन अलग-अलग विक्रय पत्र अपने पक्ष में पंजीकृत करा लिए गए। परिवार का दावा है कि इसके बदले अरविंद शर्मा को किसी प्रकार का भुगतान भी नहीं किया गया।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि जिन जमीनों में से एक का सौदा किया गया, वह वर्ष 2016 से यूनियन बैंक में बंधक थी। इसके बावजूद संबंधित भूमि की रजिस्ट्री किए जाने से पूरे मामले में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।
परिवार ने प्रशासन से राजस्व और पुलिस स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने, कथित धोखाधड़ी से तैयार कराए गए विक्रय पत्रों को निरस्त करने तथा मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की संपत्ति हड़पने के आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई की जाएगी।














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