मुजफ्फराबाद, 07 जुलाई।
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने इस्लामाबाद सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए नौ जुलाई को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। उन्होंने पूरे क्षेत्र और प्रवासी कश्मीरियों से नौ जुलाई को विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जुटने का आह्वान किया है।
रविवार को वहां के प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं की धरपकड़ के बाद क्षेत्र में झड़पें, फायरिंग और गोलाबारी की घटनाएं सामने आई हैं।
हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में संचार सेवाओं की बहाली, भोजन व दवाओं की निर्बाध आपूर्ति, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और 38 सूत्रीय लिखित समझौता लागू करना शामिल है।
सरकार ने JAAC को आतंकवाद निरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 600 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और क्षेत्र में आर्थिक नाकाबंदी थोप दी गई है।











