खड़गपुर, 07 जुलाई।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर में नगर पालिका के समक्ष अस्थायी सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में मंगलवार सुबह जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगरपालिका के मुख्य प्रवेश द्वार को घेरकर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की और अपनी समस्याओं के समाधान हेतु दबाव बनाया। सफाई कर्मियों का आरोप है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें उचित पारिश्रमिक और बुनियादी सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा गया है।
आंदोलनकारी कर्मचारियों ने बताया कि वैश्विक महामारी के दौरान 'कोरोना फाइटर' के रूप में सम्मानित किए जाने वाले इन कर्मियों की आज उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आगामी 22 जुलाई को पेश होने वाले बजट में अपनी उपेक्षा पर नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी है कि मांगे पूरी न होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। कर्मियों का दावा है कि नगर पालिका में कुल 1,300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी व्यथा पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
इस पूरे प्रकरण पर खड़गपुर नगर पालिका की चेयरपर्सन कल्याणी घोष ने कहा कि उन्हें इस विरोध प्रदर्शन की कोई पूर्व सूचना प्राप्त नहीं थी। उन्होंने सफाई कर्मियों से आमजन को हो रही परेशानी को समझने की अपील की है। चेयरपर्सन के अनुसार, कर्मचारियों को सरकारी मानकों के अनुरूप ही वेतन भुगतान किया जा रहा है और 'निर्मल बंगला' योजना के सभी नियमों का पूर्ण पालन हो रहा है। उन्होंने साथ ही संकेत दिया कि अनुशासनहीनता के आधार पर आंदोलनकारी स्थायी कर्मचारियों को 'शोकॉज' नोटिस देने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।











