हवाना, 07 जुलाई।
क्यूबा में सोमवार को पूरे देश की बिजली आपूर्ति अचानक ठप हो गई, जिससे हर तरफ अंधेरा छा गया है। राष्ट्र पहले से ही भीषण ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहा है और अमेरिका द्वारा ईंधन आपूर्ति पर लगाई गई कड़ी नाकेबंदी ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार देश का मुख्य बिजली ग्रिड पूरी तरह से बैठ गया है। ऊर्जा मंत्री विसेंटे लेवी ने जानकारी दी कि अधिकारी इसे दुरुस्त करने में जुटे हैं। फिलहाल 'माइक्रोसिस्टम' के माध्यम से केवल अत्यंत आवश्यक सेवाओं को बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। क्यूबा का पुराना बुनियादी ढांचा मांग का दबाव झेलने में सक्षम नहीं है, जिसके कारण पूर्व में भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं।
तेल कंपनियों पर अमेरिकी दबाव के कारण इस साल ऊर्जा संकट गहरा गया है। राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने सोशल मीडिया के जरिए अमेरिका पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वाशिंगटन दम घोंटने वाली नीतियां अपनाकर देश में सामाजिक विस्फोट की स्थिति पैदा करना चाहता है।
दूसरी ओर, अमेरिका का तर्क है कि वह क्यूबा को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के लिए दबाव बना रहा है। हाल ही में क्यूबा की नेशनल असेंबली ने कुछ आर्थिक सुधारों को मंजूरी दी है, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग ने इन्हें महज दिखावा करार दिया है।
इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने क्यूबा पर रूस और चीन के लिए जासूसी केंद्र संचालित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, क्यूबा ने इन दावों को पूरी तरह से नकारते हुए अमेरिकी आरोपों का कड़ा विरोध दर्ज कराया है।














.jpg)
