रायपुर, 07 जुलाई।
ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले दो पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर साइबर अपराधियों को अवैध तरीके से सक्रिय किए गए सिम उपलब्ध कराने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों में एक मध्यप्रदेश के छतरपुर और दूसरा छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ का निवासी है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा बेचे गए फर्जी सिम कार्ड का उपयोग यूट्यूब पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और कौन बनेगा करोड़पति में इनाम का झांसा देकर साइबर ठगी करने जैसे मामलों में किया गया था।
जांच के दौरान मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त जानकारी, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नया सिम जारी करने या सिम पोर्ट कराने के दौरान ग्राहकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया में डबल थंब स्कैन और आई ब्लिंक प्रणाली का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम सक्रिय कर देते थे। इसके अलावा आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी मिलने पर डी-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए भी अतिरिक्त सिम जारी किए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को अधिक कीमत लेकर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय उमेश प्रजापति निवासी ग्राम मनकारी, जिला छतरपुर (मध्यप्रदेश) और 29 वर्षीय मनोज देवांगन निवासी प्रकाशपुर चिचोला, जिला खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में मोबाइल दुकानों का संचालन करते थे।















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