कोलकाता, 07 जुलाई।
पश्चिम बंगाल में मौसम का स्वरूप पूरी तरह परिवर्तित हो गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निर्मित कम दबाव के तंत्र और मानसून के व्यापक प्रभाव के चलते राज्यभर में वर्षा की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विज्ञानियों ने मंगलवार को राज्य के विस्तृत क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इसके अतिरिक्त, उत्तर और दक्षिण बंगाल के विभिन्न हिस्सों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, कोलकाता व उसके निकटवर्ती इलाकों में पारा 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। पश्चिम मेदिनीपुर, खड़गपुर, विष्णुपुर, पुरुलिया और तटीय दीघा जैसे क्षेत्रों में बीते दो दिनों से हो रही अनवरत बारिश ने जनजीवन की गति को धीमा कर दिया है, जिससे कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार सहित उत्तर बंगाल के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक मूसलाधार वर्षा होने के संकेत हैं। दक्षिण बंगाल के हावड़ा, हुगली, नदिया और दक्षिण 24 परगना में भी तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और 85 प्रतिशत तक आर्द्रता के कारण उमस की स्थिति बनी रहेगी। विभागीय चेतावनी के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने को कहा गया है और आम जनता को वज्रपात के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न खड़े होने का परामर्श दिया गया है।











