रुद्रप्रयाग, 07 जुलाई।
देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद से आजीविका का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रकाश में आया है। लदोली गांव के मूल निवासी दिनेश सिंह चौधरी ने बड़े शहरों की चकाचौंध और वहां की नौकरी को अलविदा कहकर अपने पैतृक गांव की ओर रुख किया। यहां उन्होंने ट्राउट मछली पालन के व्यवसाय को चुना और अपनी मेहनत से आज वे हर साल लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। दिनेश के इस उद्यम की खासियत यह है कि वे केवल मछलियों का उत्पादन ही नहीं कर रहे, बल्कि स्वयं की हैचरी स्थापित कर ब्रीडिंग के जरिए व्यवसाय को विस्तार भी दे रहे हैं।

वर्ष 2021 में शुरू हुए इस छोटे से स्टार्टअप में दिनेश ने अपनी 60 प्रतिशत निजी जमा पूंजी लगाई, जबकि शेष 40 प्रतिशत का वित्तीय सहयोग मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त हुआ। जिला प्रभारी मत्स्य अधिकारी मंजू भाकुनी ने बताया कि उन्हें केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना' के जरिए अनुदान दिया गया था।
यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रोत्साहित स्वरोजगार मिशन का एक सफल परिणाम है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में 'रिवर्स पलायन' यानी वापसी की लहर को गति दे रही है। मत्स्य विभाग का निरंतर प्रयास है कि ग्रामीण युवाओं को नई तकनीकी जानकारी और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर स्वावलंबी बनाया जाए। दिनेश की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा में सरकारी मदद और दृढ़ संकल्प मिल जाए, तो अपने गांव में रहकर भी एक सम्मानजनक और समृद्ध जीवनशैली अपनाई जा सकती है।











