भुवनेश्वर, 08 जुलाई।
ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े अभियान को अंजाम देते हुए कोरापुट के जयपुर में तैनात उप निदेशक (भूविज्ञान) और उप निदेशक (खान) सत्यजीत राउत को रंगे हाथों दबोच लिया है। उन पर एक बालू खदान के लीजधारक से लीज विस्तार और भविष्य में होने वाली नीलामी में सहयोग के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप बिछाया और रिश्वत की रकम लेते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद सतर्कता विभाग ने सत्यजीत राउत से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। इस दौरान उनके रायगढ़ा स्थित आवास से 2.90 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। इस पूरे ऑपरेशन में अब तक कुल 4.90 लाख रुपये जब्त किए जा चुके हैं। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
फिलहाल, विभाग की टीमें आरोपी से जुड़े अन्य परिसरों की भी बारीकी से जांच कर रही हैं। यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस के बढ़ते सख्त रुख को दर्शाती है। जांच के अगले चरणों में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है, जो इस पूरे मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने में मदद करेंगी।














