रायपुर, 09 जुलाई।
छत्तीसगढ़ में अब स्कूली शिक्षा के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुपालन में राज्य सरकार ने कक्षा पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष अनिवार्य कर दी है। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस बाबत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार, शैक्षणिक सत्र के 01 अप्रैल को आधार मानकर बच्चों की आयु तय की जाएगी। इसके तहत नर्सरी में 3 से 4 वर्ष, केजी-1 में 4 से 5 वर्ष, केजी-2 में 5 से 6 वर्ष और कक्षा पहली में प्रवेश के लिए 6 से 7 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई है।
अभिभावकों की सुविधा के लिए नियमों में 3 माह की विशेष छूट का भी प्रावधान है। यदि बच्चा 01 अप्रैल तक निर्धारित आयु पूरी नहीं करता है, तो 01 जुलाई तक उम्र पूरी होने की स्थिति में उसे प्रवेश मिल सकेगा। यह नियम प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर प्रभावी रहेगा।
शिक्षा का अधिकार यानी RTE के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर भी यही आयु मानक लागू होंगे। हालांकि, जो बच्चे पूर्व-प्राथमिक कक्षाएं पास करके सीधे पहली कक्षा में आ रहे हैं, उन पर यह नई आयु सीमा लागू नहीं होगी। उन्हें टीसी या अंकसूची के आधार पर ही दाखिला दिया जाएगा।
शासकीय निर्देशों के अनुसार, सभी शाला प्रमुखों और शिक्षा अधिकारियों को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। साथ ही, अभिभावकों के बीच इन बदलावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।














