मेलबर्न, 09 जुलाई।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देते हुए साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला के क्षेत्र में एक नई पहल 'पीएसीटीएस' (PACTS) शुरू करने का ऐलान किया है। यह नई व्यवस्था वर्ष 2020 के पुराने सहयोग ढांचे का स्थान लेगी और दोनों देशों की आर्थिक व राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज ने इस साझेदारी को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि का आधार बताया है। इस नई साझेदारी का उद्देश्य डिजिटल विकल्पों को बढ़ाना, आपूर्ति शृंखला को लचीला बनाना और वैश्विक साइबर सुरक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देना है।
सहयोग के लिए पांच मुख्य स्तंभ तय किए गए हैं, जिनमें आपूर्ति शृंखला का विविधीकरण, उन्नत प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल लचीलापन और रक्षा अनुसंधान शामिल हैं। इसके तहत भरोसेमंद वेंडर फ्रेमवर्क विकसित करने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति पर काम होगा।
तकनीकी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष अनुसंधान और दूरसंचार जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एआई मानक विकसित करेंगे। साथ ही, साइबर अपराधों से निपटने और राष्ट्रीय अवसंरचना की रक्षा के लिए एक संयुक्त तंत्र बनाया जाएगा।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रसारित करने और रक्षा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। इस साझेदारी की निगरानी भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और ऑस्ट्रेलिया के उच्च स्तरीय अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे, जो नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करेंगे।















