श्रीनगर, 09 जुलाई।
कश्मीर के पर्यटन निदेशक सैयद कमर सज्जाद ने कहा है कि सरकार क्षेत्र के संवेदनशील प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ सतसत पर्यटन विकास के लिए एक दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है। इसके लिए पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हितधारकों के साथ विचार-विमर्श का दौर शुरू कर दिया गया है।
एसकेआईसीसी में आयोजित एक दिवसीय पर्यटन सम्मेलन के दौरान उन्होंने बताया कि यह आयोजन एक व्यापक कार्ययोजना की शुरुआत है। इसे पर्यटन व्यापार संस्थाओं और जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों का प्रबंधन संभालने वाले अधिकारियों के संयुक्त सहयोग से तैयार किया जा रहा है। नया ढांचा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पर्यटन गतिविधियों को गति देगा।
ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल पहलों को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दिशा में वन, पर्यटन और शिक्षा विभाग मिलकर सघन वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत काटे गए पेड़ों की भरपाई के लिए कई नए पौधे रोपे जा रहे हैं ताकि जलवायु परिवर्तन के असर को कम किया जा सके।
पर्यटकों की आवक के संबंध में निदेशक ने बताया कि इस वर्ष आने वाले सैलानियों में लगभग 95 फीसदी घरेलू पर्यटक शामिल हैं। मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण विदेशी सैलानियों के आगमन में जो गिरावट आई थी, उसमें अब सुधार के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि उनके पास सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं थे, लेकिन इस क्षेत्र में सकारात्मक रुझान बरकरार है।














