सोफिया, 09 जुलाई।
यूक्रेन को लगातार हो रही सैन्य मदद पर अब ब्रेक लगता नजर आ रहा है। नीदरलैंड्स के बाद अब नाटो सदस्य बुल्गारिया ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने साफ कर दिया है कि उनके देश के पास यूक्रेन को भेजने के लिए अब कोई अतिरिक्त हथियार या गोला-बारूद शेष नहीं बचा है।
तुर्किये में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री रादेव ने कहा कि बुल्गारिया ने अब तक 13 खेप सैन्य सामग्री पहुंचाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश की सैन्य क्षमता समाप्त हो चुकी है। हालांकि, बुल्गारिया उपकरणों की मरम्मत और तकनीकी सहयोग के स्तर पर अपना योगदान जारी रखेगा।
नीदरलैंड्स ने भी एक दिन पहले ही इसी तरह के संकेत दिए थे। डच रक्षा मंत्री ने कहा था कि सैन्य भंडार भेजने की एक निश्चित सीमा होती है जिसे वे पार कर चुके हैं। यह स्थिति उस समय पैदा हुई है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की लगातार अधिक वायु रक्षा प्रणालियों की मांग कर रहे हैं।
बुल्गारिया के रक्षा मंत्री दिमितार स्टोयानोव ने भी दोहराया है कि देश अब हथियार भेजना बंद करेगा। सरकार का मानना है कि इस संघर्ष का समाधान युद्ध के बजाय बातचीत की मेज से निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री रादेव का मानना है कि पश्चिमी सैन्य मदद से संघर्ष केवल लंबा खिंच रहा है।
पिछले वर्षों में बुल्गारिया यूक्रेन को सोवियत-मानक वाले गोला-बारूद देने वाला प्रमुख देश रहा था। प्रधानमंत्री रादेव, जो लंबे समय से ब्रुसेल्स की नीतियों के आलोचक रहे हैं, का तर्क है कि अब शांतिपूर्ण कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। वहीं, रूसी पक्ष का कहना है कि युद्ध को खत्म करने के लिए कीव को पीछे हटने का निर्णय लेना होगा।















