कोलकाता, 09 जुलाई।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके और उनके बेटे समुद्र बोस के खिलाफ विशेष अदालत में भारी-भरकम चार्जशीट दाखिल की है।
एजेंसी का दावा है कि यह घोटाला लगभग 250 करोड़ रुपये का है। इसमें सुजीत बोस पर अकेले 20 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाने का आरोप है। उनके साथ तत्कालीन अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और दो निजी कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है।
ईडी के मुताबिक, मंत्री ने 340 अभ्यर्थियों के नाम की सिफारिश की थी, जिनमें से 284 को नौकरी मिली। हर अभ्यर्थी से औसतन छह लाख रुपये की वसूली की गई थी। इस पूरे खेल में पदों का जमकर दुरुपयोग हुआ।
यह मामला तब खुला जब शिक्षा भर्ती घोटाले के दौरान कारोबारी अयन शील के ठिकानों पर छापेमारी हुई। वहां से ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े दस्तावेज मिले, जिनमें 'एसबी' अंकित सिफारिशें शामिल थीं।
जांच में दक्षिण दमदम नगरपालिका में हुई अनियमितताओं के ठोस सबूत मिले हैं। सुजीत बोस के करीबी निताई दत्त के बयानों ने भी इस पूरे भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं।
जांच एजेंसी ने दावा किया कि मंत्री के बेटे के रेस्टोरेंट और निर्माण कंपनियों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन हुआ है। कोविड काल के दौरान हुए इन पैसों का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा सका है।
इस मामले में एजेंसी ने 12 हजार 500 पन्नों की लंबी चार्जशीट पेश की है। सुजीत बोस को चुनाव बाद लंबी पूछताछ के बाद 11 मई को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है।















