चंडीगढ़, 09 जुलाई।
फरीदाबाद की नीमका जेल में एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने महानिदेशक कारागार को इस पूरे मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी।
मृतक रंकित उर्फ रितिक के परिजनों का आरोप है कि जेल में उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत के अनुसार, बंदी अवसाद से जूझ रहा था, परंतु उसे उचित चिकित्सा और मनोचिकित्सकीय सहायता समय पर मुहैया नहीं कराई गई। जेल प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि बंदी का इलाज किस चिकित्सक ने किया और उसे कौन सी दवाइयां दी गई थीं। साथ ही, जेल प्रशासन ने आत्महत्या रोकने के लिए जो मानक तय किए हैं, क्या उनका पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
शिकायतकर्ता ने सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर, मेडिकल रिकॉर्ड, विजिटर रजिस्टर और जेल की दैनिक डायरी जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों की सीडीआर और लोकेशन जैसी डिजिटल जानकारी भी मांगी गई है ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।














