संपादकीय
09 Jul, 2026

एथेनॉल से आत्मनिर्भरता की राह और भ्रम की राजनीति

एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और ई-20 ईंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी।

नई दिल्ली, 9 जुलाई।

भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण पहल पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण, यानी ई-20, को बढ़ावा देना है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, विदेशी मुद्रा की बचत करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना। लेकिन जैसे ही इस नीति को लागू करने की प्रक्रिया तेज हुई, वैसे ही इसके बारे में अनेक तरह के भ्रम फैलाए जाने लगे। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ई-20 से इंजन खराब हो जाएंगे, माइलेज घट जाएगा, बीमा नहीं मिलेगा और आम आदमी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। तथ्यों की पड़ताल करने पर इनमें से अधिकांश दावे निराधार साबित होते हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-20 का निर्णय किसी जल्दबाजी में नहीं लिया गया है। यह भारतीय शोध संस्थानों, वाहन निर्माताओं और दुनिया के अनेक देशों के अनुभवों के आधार पर तैयार की गई नीति है। भारत में एथेनॉल मिश्रण कोई नई व्यवस्था नहीं है। इसकी शुरुआत कम प्रतिशत मिश्रण से कई वर्ष पहले हो चुकी थी और उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया है।

एथेनॉल मिश्रण से अब तक हजारों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। गन्ने, मक्का और अनुपयोगी अनाज से एथेनॉल उत्पादन होने के कारण किसानों को अतिरिक्त बाजार मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और डिस्टिलरी उद्योग में निवेश भी बढ़ा है। इसका सीधा लाभ किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला है।

सबसे अधिक भ्रम इंजन की कार्यक्षमता को लेकर फैलाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि ई-20 से इंजन के पुर्जे खराब हो जाएंगे। सरकार और वाहन कंपनियों द्वारा किए गए परीक्षणों के अनुसार, जो वाहन ई-20 के अनुरूप निर्मित हैं, उनमें ऐसी कोई समस्या नहीं है। हां, बहुत पुराने वाहनों में रबर या प्लास्टिक के कुछ पुर्जों पर सीमित प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन इसे गंभीर तकनीकी खराबी नहीं माना गया है। नए वाहनों में पहले से ही ई-20 अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

माइलेज को लेकर भी कई तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। यह सही है कि एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कुछ कम होती है, इसलिए माइलेज में लगभग एक से दो प्रतिशत का अंतर आ सकता है। लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि सड़क की स्थिति, वाहन की देखभाल और ड्राइविंग की शैली के कारण भी माइलेज में पांच से दस प्रतिशत तक का अंतर आ सकता है। दूसरी ओर, आयातित तेल पर निर्भरता कम होने से दीर्घकाल में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने में सहायता मिल सकती है।

बीमा को लेकर भी भ्रम फैलाया गया कि ई-20 के उपयोग से बीमा दावा प्रभावित होगा। जबकि बीमा कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ई-20 सरकार द्वारा अनुमोदित ईंधन मानक है और इसके उपयोग से बीमा दावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

एथेनॉल नीति से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा, क्योंकि एथेनॉल के उपयोग से कार्बन मोनोऑक्साइड सहित कई प्रदूषकों का उत्सर्जन कम होता है। ब्राजील और अमेरिका जैसे देश वर्षों से 20 से 27 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण का उपयोग कर रहे हैं और वहां इसे ऊर्जा सुरक्षा की महत्वपूर्ण रणनीति माना जाता है।

सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस नीति के बारे में लोगों तक सही और स्पष्ट जानकारी पहुंचाए। पेट्रोल पंपों पर जागरूकता बढ़ाई जाए, वाहन निर्माताओं के सहयोग से उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान किया जाए और पुराने वाहनों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

लोकतंत्र में किसी भी नीति पर सवाल उठाना स्वाभाविक है, लेकिन तथ्यों के स्थान पर भ्रम फैलाना उचित नहीं कहा जा सकता। यदि किसी तकनीकी पहलू पर सुझाव हैं तो उन्हें रचनात्मक तरीके से सामने लाया जाना चाहिए। एथेनॉल मिश्रित ईंधन केवल एक वैकल्पिक ईंधन नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता, किसानों की समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए आवश्यक है कि इस विषय पर चर्चा तथ्यों के आधार पर हो, ताकि देशहित से जुड़े ऐसे प्रयासों को सही दिशा मिल सके।

|
आज का राशिफल

अपनी गतिविधियों पर पुनर्विचार करें। वैचारिक द्वन्द्व और असंतोष बना रहेगा। किसी सूचना से पूर्ण निर्णय सम्भव। सुख आरोग्य प्रभावित होगा। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। किसी नजदीकी शुभचिंतक सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। शुभांक-5-6-7

आज का मौसम

भोपाल

25° / 30°

Cloudy

ट्रेंडिंग न्यूज़