मॉस्को, 9 जुलाई।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी अमेरिकी दबाव के आगे झुककर नहीं खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे खोलने का निर्णय पूरी तरह ईरान की शर्तों पर ही आधारित होगा।
ग़ालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी कि धमकियों और वादों से पलटने की नीति अब उसे भारी पड़ेगी। उन्होंने साफ कहा कि हमला करने पर ईरान का जवाबी हमला तय है। व्यर्थ के संघर्ष से अमेरिका खुद और अधिक गंभीर संकट में फंस जाएगा।
हाल ही में बंदर अब्बास सहित ईरान के कई शहरों में धमाकों की सूचना मिली है। बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है। तनाव के बीच बहरीन में सायरन बजने से हड़कंप मच गया और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
अमेरिका ने इन हमलों को होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुई ईरानी कार्रवाई का जवाब बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर कहा कि अब युद्धविराम समाप्त हो चुका है। ईरान ने अमेरिका पर दोनों देशों के बीच हुए समझौते के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।















