कोलकाता, 09 जुलाई।
पश्चिम बंगाल की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (डब्ल्यूबीजेईई) काउंसिलिंग के शुरुआती दौर में राज्य के तमाम सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की सभी सीटें फुल हो गई हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटनाक्रम पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण कामयाबी करार दिया है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों के बाद यह गौरवपूर्ण स्थिति बनी है, जो यह दर्शाती है कि राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थी अब उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए स्थानीय संस्थानों पर गहरा विश्वास जता रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए इस बदलाव को राज्य के शैक्षणिक वातावरण में आए सकारात्मक बदलाव के रूप में रेखांकित किया है। उनका मानना है कि युवा पीढ़ी अब पढ़ाई के लिए अपने ही प्रदेश को पहली पसंद बना रही है, जो आने वाले समय के लिए एक सुखद संकेत है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक सुविधाएं और नवाचार के साथ उत्कृष्टता को नई गति दी जा रही है।
सरकार का मुख्य ध्येय राज्य से प्रतिभाओं का पलायन रोककर उसे 'ब्रेन गेन' में परिवर्तित करना है। पश्चिम बंगाल में ही विश्व स्तरीय अवसर सृजित किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश की मेधा यहीं रहकर अपने सपनों को साकार कर सके और राज्य की उन्नति में अपना सक्रिय योगदान दे सके।















