श्रीनगर, 09 जुलाई।
कश्मीर के शिक्षा निदेशालय ने घाटी के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों और कोचिंग सेंटरों में मौजूद पुस्तकों की गहन जांच का फरमान जारी किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षण संस्थानों में कोई भी ऐसी सामग्री उपलब्ध न रहे, जो विवादित हो या छात्रों के लिए उचित नहीं है।
परिपत्र के अनुसार, प्रधानाध्यापकों को पुस्तकालयों, क्लासरूम और स्टाफ रूम में रखी पुरानी और नई सभी किताबों को खंगालना होगा। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी सामग्री धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली, राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध या राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के मानकों से अलग नहीं होनी चाहिए।
संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सामग्री नैतिक मूल्यों और प्रचलित कानूनों के अनुरूप हो। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु मिलने पर प्रकाशक, लेखक और पुस्तक के विवरण के साथ विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
पूरे कार्य के लिए 13 जुलाई तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को 15 जुलाई तक और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को 17 जुलाई तक रिपोर्ट निदेशालय भेजनी होगी। एक विशेष समिति पूरे मामले की निगरानी करेगी।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का पालन न करने या लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।














