ऑकलैंड, 11 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक न्यूजीलैंड यात्रा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। ऑकलैंड में आयोजित शिखर वार्ता में भारत और न्यूजीलैंड ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का अहम फैसला लिया है। यह निर्णय आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के माध्यम से अगले पांच वर्षों में व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह समझौता विशेष रूप से कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और युवाओं के करियर के लिए नए रास्ते खोलेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान में आई तेजी की सराहना भी की गई।
तकनीकी और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के यूपीआई और न्यूजीलैंड की भुगतान प्रणालियों के एकीकरण पर कार्य शुरू होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के अलावा, दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए समुद्री सहयोग को भी मजबूत करेंगे।
सांस्कृतिक धरोहरों और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड के विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने के लिए आमंत्रित किया है। साथ ही, खेल जगत में 100 वर्षों के पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए नई खेल कार्य योजना को मंजूरी दी गई है।
वैश्विक मोर्चे पर भी दोनों देश आतंकवाद के खात्मे और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार के लिए एकजुट होकर काम करने को तैयार हैं। यह यात्रा न केवल राजनयिक स्तर पर सफल रही, बल्कि इसने भविष्य की साझा विकास यात्रा की एक मजबूत नींव भी तैयार कर दी है।








