लॉस एंजिलिस, 11 जुलाई।
फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। इस कड़े मुकाबले में सुपर सब मिकेल मेरिनो नायक बनकर उभरे। 86वें मिनट में मैदान पर उतरने के मात्र दो मिनट बाद ही मेरिनो ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को रोमांचक जीत दिलाई। यह मौका तब बना जब पाउ क्यूबार्सी के शॉट को रोकने के प्रयास में बेल्जियम के गोलकीपर सेन्ने लैमेंस से चूक हुई और गेंद सीधे मेरिनो के पास पहुँच गई।
मेरिनो का यह कमाल लगातार दूसरे नॉकआउट मैच में देखने को मिला है। इससे पहले राउंड ऑफ-16 में पुर्तगाल के खिलाफ 91वें मिनट में गोल कर उन्होंने टीम को अगले दौर में पहुँचाया था। अपनी इस उपलब्धि पर भावुक मेरिनो ने कहा कि यह केवल किस्मत नहीं बल्कि कड़ी तैयारी का परिणाम है। उन्होंने याद दिलाया कि बड़े टूर्नामेंटों में स्पेन के लिए यह उनका तीसरा मैच जिताने वाला गोल है, जिसमें पिछला कारनामा यूरो कप में जर्मनी के विरुद्ध 119वें मिनट में आया था।
स्पेन के मुख्य कोच लुइस डी ला फुएंते ने मेरिनो की बहुमुखी प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उन्हें टीम के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी बताया। मैच में स्पेन का खाता फाबियान रुइज ने खोला था, लेकिन चार्ल्स डी केटेलारे ने गोल करके बेल्जियम को बराबरी दिलाई थी। दूसरे हाफ में स्पेन के हमलों को रोकने में बेल्जियम ने काफी जोर लगाया, मगर अंत में मेरिनो का गोल निर्णायक साबित हुआ।
अब स्पेन की टीम सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करने के लिए तैयार है। कोच डी ला फुएंते ने स्वीकार किया कि यह मुकाबला चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने पुरानी जीत का हवाला देते हुए आत्मविश्वास जताया कि टीम उन्हें बाहर करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देगी। स्पेन का लक्ष्य अब विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा करना है।










