संभल, 11 जुलाई।
जनपद की सदर तहसील के असमोली विकास खंड क्षेत्र में प्रस्तावित नए फोरलेन मार्ग के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। जोया मार्ग से श्रीकल्कि धाम होते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण हाईवे के रास्ते में आ रहे अवैध कब्जों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मार्ग में आ रहे कुल 96 कब्जेदार लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। शुक्रवार को भारी पुलिस बल ने गांवों में मुनादी करते हुए इन सभी को 15 दिन के भीतर सरकारी जमीन खाली करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थाना ऐंचौड़ा कम्बोह गांव में 86, चितावली में 6 और ज्ञानपुर सिसौना गांव में 4 लोगों को बेदखली के नोटिस थमाए गए हैं। यह नया फोरलेन हाईवे संभल-जोया रोड से प्रारंभ होकर ऐंचौड़ा कम्बोह स्थित श्रीकल्कि धाम से गुजरते हुए तहसील संभल के खिरनी गांव में गंगा एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज में जाकर मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहायक अभियंता तृतीय ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि 22 जुलाई तक लोगों ने स्वयं कब्जा नहीं हटाया, तो प्रशासन बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं, भारतीय न्याय संहिता की धारा 52 के अंतर्गत ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा और अतिक्रमण हटाने का सारा खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा। शुक्रवार को असमोली और ऐंचौड़ा कम्बोह थाना प्रभारियों ने अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर नोटिस बांटे और लाउडस्पीकर से लोगों को समय रहते जगह खाली करने की चेतावनी दी।
यह नया और चौड़ा मार्ग गंगा एक्सप्रेस-वे को श्रीकल्कि धाम के रास्ते सीधे दिल्ली-लखनऊ हाईवे से जोड़ देगा। खास बात यह है कि यह मार्ग संभल के 68 प्राचीन तीर्थों और 19 कूपों की 25 कोसीय परिक्रमा मार्ग से भी होकर गुजरेगा। इस सड़क के बनने से भविष्य में संभल कल्कि नगरी और धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी सुविधा मिलेगी।
ज्ञात हो कि लोक निर्माण विभाग ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए मात्र तीन दिन पहले भी असमोली ब्लॉक के दुबाई कलां गांव में 47 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए थे। इन सभी पर सरकारी भूमि पर मकान और दुकानें बनाने का आरोप है।








