तेहरान, 15 जुलाई।
ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका ने अपनी नौसैनिक घेराबंदी तेज कर दी है। मध्य कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात किए गए हैं। इन हथियारों के जरिए तटीय इलाकों और बंदरगाहों से गुजरने वाले जहाजों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से होकर गुजरने वाले कार्गो पर लगाए जाने वाले 20 प्रतिशत टैरिफ के फैसले को वापस ले लिया है। अब इसकी जगह खाड़ी देशों के साथ नए व्यापारिक और निवेश समझौते करने पर जोर दिया जाएगा। दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान पर लगातार चौथी रात सैन्य हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
ईरान का दावा है कि उसने जवाबी कार्रवाई में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। सैन्य संघर्ष के बढ़ते दायरे के कारण पिछले दो दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा हो गया है।
अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास में सटीक प्रहार किए हैं। इन हमलों में ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली, मिसाइल लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रोन ठिकानों को बेअसर करने का प्रयास किया गया।
ईरान की ओर से भी जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है। कुवैत ने बताया कि उसने ईरान द्वारा दागे गए 33 ड्रोन, पांच क्रूज मिसाइल और एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर दिया है। संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरानी शिपिंग कारोबारी मोहम्मद हुसैन शामखानी पर भी नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।











