काठमांडू, 15 जुलाई।
नेपाल में अब यातायात नियमों को तोड़ने वालों के लिए सजा का स्वरूप बदलने वाला है। सरकार एक ऐसे नए कानून पर काम कर रही है, जिसके तहत दोषी को आर्थिक जुर्माने के बजाय श्रमदान (Social Work) करना पड़ सकता है। इस संबंध में एक विधेयक संसद में चर्चा के लिए लाया गया है।
सरकार की ओर से यातायात नियमों के उल्लंघन पर 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के कारण इस फैसले का व्यापक स्तर पर विरोध हुआ। इसी को देखते हुए अब नियमों में बदलाव किया जा रहा है।
यातायात मंत्री सुनील लम्साल ने संसद में स्पष्ट किया कि भारी जुर्माने का उद्देश्य कमाई करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा (Road Safety) को सुनिश्चित करना है। मंत्री के अनुसार, यह दंड व्यवस्था तभी प्रभावी होगी यदि कोई चालक बार-बार ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules) का उल्लंघन करेगा।
विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई चालक तीन बार गति सीमा (Speed Limit) का उल्लंघन करता है, तभी उसे 50 हजार रुपये के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, बार-बार गलती करने पर ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) भी रद किया जा सकता है।
सरकार ने राहत देते हुए यह प्रावधान भी जोड़ा है कि जो लोग नकद जुर्माना भरने में असमर्थ होंगे, वे सरकारी श्रम शिविरों में काम करके दंड की भरपाई कर सकेंगे। यह नया कानूनी विकल्प जनता को आर्थिक संकट से बचाने और जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से लाया गया है।











