वाराणसी, 18 जुलाई।
कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क में शुक्रवार की शाम साझा संस्कृति मंच के बैनर तले एक विरोध सभा का आयोजन किया गया, जिसमें देश में जारी शिक्षा संकट और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आवाज उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को युवाओं के भविष्य के लिए घातक बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की जोरदार मांग की। सभा के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की वकालत की।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आए दिन हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने छात्रों में गहरा आक्रोश भर दिया है। पादरी आनंद ने सरकार पर शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के बंद होने से आम आदमी की पहुंच से शिक्षा दूर हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा महंगी होने से दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए अवसर सीमित होते जा रहे हैं, जो देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है।
अकादमिक विशेषज्ञों ने नई शिक्षा नीति की आलोचना करते हुए कहा कि यह शिक्षा को वैज्ञानिक बनाने के बजाय केंद्रीकृत और वैचारिक नियंत्रण का माध्यम बना रही है। वक्ताओं ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर मंडराते खतरों और संस्थानों में बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप पर भी गहरी चिंता जताई। विरोध प्रदर्शन के अंत में यह निर्णय लिया गया कि इन ज्वलंत मुद्दों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आगामी 19 जुलाई को शास्त्री घाट पर एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा।












