नई दिल्ली, 18 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' के सफल प्रक्षेपण पर स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों को फोन कर बधाई दी। उन्होंने सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका से बातचीत में इस उपलब्धि को 'आत्मनिर्भर भारत' की एक बड़ी कामयाबी करार दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्काईरूट की युवा टीम ने अपनी कड़ी मेहनत से देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने इसे एक 'वंदे मातरम मिशन' की संज्ञा देते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने स्काईरूट की पूरी टीम को जल्द ही मिलने का निमंत्रण भी दिया है।
संस्थापक पवन कुमार चंदना ने इस सफलता का श्रेय टीम के समर्पण और सरकार द्वारा निजी क्षेत्र को दिए गए अवसरों को दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में पहली बार किसी निजी कंपनी ने यह मुकाम हासिल किया है।
यह रॉकेट भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा तैयार इस मिशन को 'मिशन आगमन' नाम दिया गया है, जो अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाता है।











