डिंडीगुल, 18 जुलाई।
तमिलनाडु के बहुचर्चित पलानी मुरुगन मंदिर भूमि घोटाला मामले में सीबी-सीआईडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए शनिवार को चार अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह कार्रवाई जांच के तीसरे दिन अंजाम दी गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
जांच टीम ने उप-पंजीयक जस्टिन मणिकंदन के आवास समेत अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी। इस घोटाले का संबंध मंदिर की 1.40 एकड़ बेशकीमती जमीन से है, जिसकी कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे इस जमीन का अवैध रूप से पंजीकरण कराया गया था।
सीबी-सीआईडी के अधिकारियों ने पलानी के टी.के.एन. पुदूर स्थित एक फार्महाउस, नगर पालिका के वार्ड सचिव के घर और तिरुनेलवेली में भी तलाशी अभियान चलाया। इन स्थानों से बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डिटेल और अन्य डिजिटल सबूत जुटाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में उप-पंजीयक जस्टिन मणिकंदन को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। हालांकि उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली हुई है, लेकिन सीबी-सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल जारी रहेगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












