चंडीगढ़, 18 जुलाई।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शिक्षा तंत्र को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के कुल 135 सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों को अब पूरी तरह से गिराया जाएगा। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने इन खतरनाक ढांचों की पहचान कर ली है और इन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में शुरू हो जाएगी।
इन पुरानी इमारतों को गिराने के बाद वहाँ नई और आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूलों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के भीतर एक विशेष इंजीनियरिंग विंग भी काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए।
शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जिन स्कूलों में जलभराव की समस्या होती है, उनके लिए भी एक अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके अलावा, स्कूलों में मौजूद डिजिटल उपकरणों के गलत आंकड़े देने वाले स्कूल प्रमुखों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है।
विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 31 जुलाई तक सभी स्कूलों के स्मार्ट टीवी, कंप्यूटर और डिजिटल बोर्ड की स्थिति की सही जानकारी अपडेट की जाए। साथ ही, अनुपयोगी फर्नीचर और पुराने सामान को हटाने की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।











