लखनऊ, 18 जुलाई।
उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में अपना दबदबा कायम किया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन के चलते राज्य अब देश में दूसरा सबसे बड़ा सोलर हब बन गया है। अब तक प्रदेश की छतों पर 6.74 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस रैंकिंग में गुजरात अभी भी शीर्ष पर है, वहीं उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान सुरक्षित किया है।
यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य में 2.28 गीगावाट से अधिक की सौर ऊर्जा क्षमता विकसित हो चुकी है। इससे न केवल पारंपरिक ग्रिड पर निर्भरता घटी है, बल्कि प्रदेश के लाखों परिवारों के बिजली बिलों में भी भारी कमी आई है। आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य के लोग प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपये की निःशुल्क सौर ऊर्जा का लाभ उठा रहे हैं, जो आम लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक है।
योजना के विस्तार ने प्रदेश में सोलर इकोनॉमी को भी नई धार दी है। प्रदेश में इस क्षेत्र से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं, जिन्होंने 85,000 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर दिए हैं। रूफटॉप मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं होती, जिससे 9,000 एकड़ से अधिक जमीन की बचत हुई है। यह मॉडल तकनीकी पेशेवरों और स्थानीय उद्यमियों के लिए स्वरोजगार का एक बेहतरीन जरिया बनकर उभरा है।











