भोपाल, 18 जुलाई।
जैन समाज के प्रतिष्ठित संत आचार्य समय सागर महाराज शनिवार को पहली बार राजधानी भोपाल पहुंचे। नागपुर से लंबी पदयात्रा पूरी कर वे 20 मुनिराजों के साथ शहर की सीमा में दाखिल हुए, जहाँ श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर 11 मील स्थित विद्योदय तीर्थ पर नवीन जिनालय की नींव रखी गई और आचार्य विद्यासागर वाटिका का लोकार्पण किया गया। शिलान्यास समारोह का मुख्य सौभाग्य आरएनजी परिवार को प्राप्त हुआ। आचार्यश्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म का मार्ग आडंबरों से नहीं, बल्कि मन की शुद्ध और निर्मल भावनाओं से तय होता है।
रविवार को आचार्य संघ के भव्य स्वागत के लिए एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा नारायण नगर जैन मंदिर से शुरू होकर विद्योदय तीर्थ तक जाएगी। इस दौरान गुरु और शिष्यों का मिलन होगा, जहाँ भोपाल में पहले से विराजमान मुनिराज अपने गुरु की अगवानी करेंगे।
इस ऐतिहासिक जुलूस में शहर की तमाम जैन संस्थाएं, युवा संगठन और महिला मंडल अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। शोभायात्रा में पर्यावरण संरक्षण, गो-सेवा और भारतीय संस्कृति को दर्शाती आकर्षक झांकियां शामिल होंगी, जो समाज में जागरूकता का संदेश देंगी।












