बाराबंकी, 18 जुलाई।
संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि बाढ़ बचाव का मुख्य उद्देश्य जीरो कैजुअल्टी सुनिश्चित करना है। जिले में प्रभावित क्षेत्रों के लिए कुल 22 राहत शिविर और 10 चौकियां प्रस्तावित की गई हैं, जिनमें रामसनेहीघाट, रामनगर और सिरौलीगौसपुर तहसीलें मुख्य रूप से शामिल हैं।
प्रशासन ने सिंचाई विभाग को तटबंधों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में गोताखोरों की तैनाती और नावों पर अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, ग्राम चौपालों के जरिए ग्रामीणों को जागरूक करने और बाढ़-पूर्व फसलों का सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि पेयजल संकट न हो और संक्रामक रोगों की रोकथाम की जा सके। सर्पदंश की घटनाओं पर चिंता जताते हुए डीएम ने साफ कहा कि पीड़ित को सीधे अस्पताल ले जाएं और झाड़-फूंक से दूर रहें। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त एंटी वेनम किट की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है। पशुपालन विभाग को भी पशुओं के चारे और टीकाकरण की मुकम्मल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।












