चंडीगढ़, 18 जुलाई।
हरियाणा में बिजली चोरी करने वालों पर अब सख्त शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य प्रवर्तन ब्यूरो ने लंबित जुर्माने की राशि वसूलने के लिए 45 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इस अभियान के जरिए विभाग ने 56 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है।
डीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने प्रदेश के सभी 22 जिलों के थाना प्रभारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। प्रभारियों से कहा गया है कि वे अपने रिकॉर्ड खंगालकर ऐसे मामलों की सूची तैयार करें, जिनमें एक लाख रुपये या उससे अधिक का जुर्माना बकाया है।
इस मुहिम की निगरानी खुद थाना स्तर पर की जाएगी। प्रत्येक सोमवार को मुख्यालय को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट भेजना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि अभियान की पारदर्शी समीक्षा हो सके। विभाग का मानना है कि बिजली चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का भी दुरुपयोग है।
प्रवर्तन ब्यूरो समय-समय पर इस तरह की मुहिम चलाकर लोगों को ऊर्जा संरक्षण के लिए जागरूक भी करता है। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि इस काम में पूरी मुस्तैदी बरती जाए ताकि बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके और आमजन को इस अपराध के प्रति सतर्क किया जा सके।











